निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में खराब प्रगति पर कई अधिकारियों को मिली चेतावनी

Azamgarh Azamgarh Admistration
  • मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त ने वृहस्पतिवार को अपने कार्यालय के सभागार मण्डल के जनपदों में 50 लाख तथा उससे अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान कहा कि जनपदों में ऐसी स्वीकृत परियोजनायें जो बजट के अभाव में अथवा अन्य किसी कारणवश अभी तक अनारम्भ हैं, उससे सम्बन्धित अधिकारी उसकी बाधाओं को दूर कर यथाशीघ्र कार्य प्रारम्भ करायें। इसके अलावा जो निर्माण कार्य चल रहे हैं उसे मानक और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। समीक्षा बैठक में कई कार्यदायी विभागों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति खराब मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को चेतावनी निर्गत करने का निर्देश दिया। जनपद आज़मगढ़ में पुलिस विभाग के कई कार्य हैं परन्तु कार्यदायी विभाग प्रान्तीय खण्ड लोनिवि की प्रगति खराब मिलने पर उन्होंने संयुक्त विकास आयुक्त को निर्देश दिया कि इनके सभी कार्योंे की जाॅंच कर रिपोर्ट दें। इसी प्रकार मऊ में धनराशि उपलबध होते हुए पैकफेड गत माह में काई प्रगति नहीं लाई गयी, जिस पर मण्डलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए पैकफेड मऊ के अधिशासी अभियन्ता को चतावनी निर्गत करते हुए शासन को भी अवगत कराने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान उप्र राजकीय निर्माण निगम, सी एण्ड डीएस, सिंचाई खण्ड मऊ, उप्र पुलिस आवास निगम, यूपी प्रोजेक्ट कार्पोरेशन, लोनिवि के प्रान्तीय खण्ड, निर्माण खण्ड, निर्माण खण्ड-5 के कार्यों में गत माह के सापेक्ष को प्रगति नहीं मिली। इस स्थिति पर उन्होंने असन्तोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि इन विभागों की जिन जनपदों में प्रगति खराब है उससे सम्बन्धित अशिासी अभियन्ताओं/परियोजना प्रबन्धकों कठोर चेतावनी निर्गत करते हुए शासन को भी अवगत करायें तथा उनकी व्यक्गित पत्रावली में भी रखायें। मण्डलायुक्त ने सभी कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाय तथा कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाय। इसी क्रम में उन्होंने संयुक्त विकास आयुक्त को निर्देश दिया कि जल निगम, उप्र राजकीय निर्माण निगम, प्रान्तीय खण्ड आज़मगढ़ के कार्यों की जाॅंच टीम बनाकर करायें तथा जाॅंच रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियन्ता को भी निर्देशित किया कि दो दिन के अन्दर अपने कार्यों की फोटोग्राफ्स उपलब्ध करायें। बैठक में उप निदेशक, अर्थ एवं संख्या तौकीर हुसैन ने अवगत कराया कि मण्डल में 50 लाख तथा उससे अधिक लागत की कुल 392 परियोजनायें स्वीकृत हैं, जिसमें आज़मगढ़ में 165, मऊ में 84, बलिया में 143 परियोजनायें हैं। स्वीकृत परियोजनाओं में आज़मगढ़ में 20, मऊ में 11 एवं बलिया में 21 पूर्ण हैं, जबकि आज़मगढ़ में 18, मऊ में 6 एवं बलिया में 9 परियोजनायें अभी अनारम्भ हैं। यह भी अवगत कराया गया कि निर्माणाधीन परियोजनाओं हेतु अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष आज़मगढ़ की वित्तीय प्रगति 94 प्रतिशत, मऊ की 84 एवं बलिया की 68 प्रतिशत है। मण्डलायुक्त श्री पन्त ने निर्देश दिया यदि भूमि विवाद के कारण कोई निर्माण कार्य अनारम्भ है तो सम्बन्धित उपजिलाधिकारी से सम्पर्क कर विभागीय अधिकारी उसका समाधान करायें। उन्होंने यह भी कहा कि जो परियोजनायें धनाभाव के कारण अभी तक शुरू नहीं हो सकी हैं उसके लिए धनराशि आवंटित कराने के लिए तत्काल पत्राचार एवं व्यक्तिगत रूप से मुख्यालय से सम्पर्क करें। बैठक में 50 करोड़ से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा करते हुए मण्लायुक्त ने सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्य दिशा निर्देश दिया। इस अवसर पर संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा, मण्डलीय अर्थ एवं संख्या अधिकारी डा. नीरज श्रीवास्वत, अधीक्षण अभियन्ता लोनिवि आज़मगढ़ आरएन दास, अधीक्षण अभियन्ता लोनिवि बलिया एके मणि, अधीक्षण अभियन्ता ग्रामीण अभियन्त्रण वीके सिंह गौर, एनएचएआई के माह प्रबन्धक सीएम द्विवेदी, उप प्रबन्धक जयप्रताप सिंह, एमई पंकज कुमार साहू सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *