तीन दिवसीय हुनर रंग महोत्सव का समापन

Azamgarh Azamgarh Admistration

आज़मगढ़ : हुनर संस्थान आजमगढ़ द्वारा आयोजित तीन दिवसीय हुनर रंग महोत्सव के आखरी दिन की रंग संध्या का उद्धघाटन  विधायक डॉ संग्राम यादव, छाया अग्रवाल , अखिलेश मिश्र गुड्डू ने माँ सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित व माल्यर्पण कर किया।  आये हुए सभी अथितियों का स्वागत स्वागताध्यक्ष अभिषेक जायसवाल दीनू  ,रमाकांत वर्मा,  संस्थान अध्यक्ष मंनोज यादव ,वरिष्ठ उपाध्यक्ष्र हेमन्त श्रीवास्तव ने अंगवस्त्र  , स्मृति चिन्ह, पुष्पगुच्छ देकर देकर किया। रॉक स्टार डांस अकादमी मिर्जापुर द्वारा आधुनिक समूह नृत्य की प्रस्तुति हुई। तत्पश्चात ड्रामाटर्जी आर्ट एंड कल्चर सोसायटी दिल्ली द्वारा राजेश कुमार लिखित व सुनील चौहान निर्देशित नाटक ” तफ्तीश का सशक्त मंचन किया गया । राजेश कुमार द्वारा लिखित ये नाटक “तफ्तीश” समाज के ऊपर गहरी चोट करता है। एक विशेष समुदाय को किसी आतंकी गिरोह से जोड़कर जिस प्रकार उसका शोषण करते हैं, इसी के इर्द गिर्द नाटक घूमता है। नाटक में रेहान इसी  विशेष समुदाय का हिस्सा है जो अपने दोस्त से मिलने पुलिस स्टेशन आता, मगर एक ग़लतफ़हमी की वजह से उसे A.T.S के अफ़सर राघवेंद्र, असदुल्लाह, भरत, भाटी के द्वारा आतंकी ठहरा दिया जाता है। नाटक में रेहान- हैरी, प्रशांत वर्मा- शिखर मिश्रा, राघवेन्द्र सिंह गौरव राय, प्रताप भाटी- राजवीर शर्मा, भरत सिन्हा – क्षितिज मिश्र, असहादुल्लाह खान- कृष्णा दास, दयाशंकर-आशीष कुमार, रामचरन- अजय मिस्त्री, शर्मा- बिनोद कुमार, त्यागी-अक्षय शर्मा, स्टेज लाइट- सुनील चौहान, संगीत-देवांग प्रताप सिंह का रहा। दूसरी प्रस्तुति जागरूक सेवा संस्थान बलिया द्वारा भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर की अमूल्य कृति “” गबर घिचोर ”” थी। ये नाटक समाज का वास्तविक चित्रण करता है। माँ बाप द्वारा त्यागने के बाद बेटे के बटवारे को लेकर हो रही उठा पठक को कलाकारों ने बखूबी निभाया।नाटक में गलीज – पुनीत पासवान, गलिजबहु- बबली, गड़बड़ी- सुमंत चौधरी,गबर घिचोर- ब्रजेश राय, पंच-अभय सिंह कुशवाहा, फ़क़ीर-नलिन पांडेय,जल्लाद-राहुल कुमार, सूत्रधार-अजीत यादव, सुमित कुमार, दुर्गेश वर्मा, हारमोनियम-पंकज, नाल-तरुण बागी, जोड़ी-विनोद यादव, पार्श्वगायन- बहादुर, आदित्य, स्टेज लाइट- महेंद्र कुमार रहे  इस अवसर पर  नीरज अग्रवाल  आशीष गोयल अशोक अग्रवाल उपस्थित थे ।  इसे सफल बनाने में शशि सोनकर,, डॉ शशिभूषण शर्मा, कमलेश सोनकर, अमरजीत विश्वकर्मा, रवि चौरसिया , आकाश गोंड़, सावन प्रजापति, विकाश सोनकर लगे हुए है। कार्यक्रम का संचालन संस्थान सचिव सुनील दत्त विश्वकर्मा ने किया।  

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